नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी अपने पूर्व आदेश पर पुनर्विचार करने का संकेत दिया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्तों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध पर अदालत पुनः विचार कर सकती है।
यह टिप्पणी उस समय आई जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष इस आदेश को लेकर चिंता जताई और कॉन्फ्रेंस फॉर ह्यूमन राइट्स (इंडिया) द्वारा दायर याचिका को प्रस्तुत किया। याचिका में कहा गया है कि पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ता) नियम, 2001 का पालन नहीं किया जा रहा है। यह नियम आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रमों को अनिवार्य बनाता है।
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को 8 हफ्तों में दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद देशभर में बहस छिड़ गई—कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, तो कुछ समर्थन में उतर आए।
अब मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अदालत मानव और पशु अधिकारों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर फिर से विचार कर सकती है।
आने वाले दिनों में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अगला कदम सरकारी नीति और सामाजिक भावनाओं—दोनों को प्रभावित कर सकता है।